- हरियाणा कैनल एंड ड्रेनेज एक्ट 1974 के तहत नहरों में कोई भी सामान डालना गैर कानूनी
नारनौल , विनीत पंसारी । हमारे वेद व पुराणों में जल को पवित्र माना गया है। उसी पवित्र जल को नागरिक खुद ही गंदा करने में लगे हैं। अधिकतर नागरिक नहर में विभिन्न मूर्तियां व पूजा सामग्री का विसर्जन नहर में कर रहे हैं। इससे नहर का पानी प्रदूषित हो रहा है। हरियाणा कैनल एंड ड्रेनेज एक्ट 1974 के तहत ऐसा करना कानूनी तौर पर गलत है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज कराएगा।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के जलसेवा उपमंडल नंबर 2 के उप मंडल अधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि उपमंडल के अधीन जितनी भी नहरें आती है उन सभी नहरों से क्षेत्र के वाटर वर्क्स टैंक एवं जोहड़ों को पानी से भरा जाता है ताकि क्षेत्र में पीने के पानी की आपूर्ति हो सके। कुछ लोग दीपावली के त्यौहार के आसपास अपने घरों की सफाई करके देवी, देवताओं की फोटो, मूर्तिया एवं हवन सामग्री नहर में बहाते हैं। यह कानूनन रूप से गलत है।
उन्होंने बताया कि विभाग ने फील्ड के सभी कर्मचारियों को आदेश जारी कर दिए हैं और विशेष निगरानी टीम भी गठित कर दी है। यह टीम निरंतर नहरों की गश्त पर रहेंगी। यदि कोई भी व्यक्ति नहर में कचरा एवं हवन सामग्री इत्यादि गिराता हुआ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करवाया जाएगा।
इसके लिए टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कर लें ताकि उस व्यक्ति के विरुद्ध संबंधित पुलिस स्टेशन में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पीने के पानी को दूषित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी विभिन्नन गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा सके।
गड्ढे में दबा दें सामग्री
उप मंडल अधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि हमारे वेदों में नहीं लिखा कि पूजा सामग्री का पानी में विसर्जन किया जाए। यह केवल लोकमत है और धर्म के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जल पवित्र माना गया है। इसलिए पूजा सामग्री को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि मूर्तियों में प्लास्टर आफ पेरिस होता है। वह जहां पर गिरता है लेयर बना देता है। वहां जीव भी खत्म हो जाते हें। इसमें कई प्रकार के केमिकल होते हैं जो कैंसर जनित होते हैं। वह पानी को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में नागरिकों को कोई भी सामग्री नहर में नहीं डालनी चाहिए। ऐसा करके नागरिक जीव-जंतुओं व अपनी ही सेहत का नुकसान कर रहे हैं।
